Social Activities

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Bhartam

भारतम् एवं इसका उद्देश्य?

भारतम् एक बेहतर भारत के निर्माण का छोटा सा प्रयास है। जिसमें हमारा उद्देश्य युवाओं में चर्चा की संस्कृति को बढ़ावा देना, उनमें वैज्ञानिक मनोवृत्ति का विकास करना, जातीय और धार्मिक भेदभाव को कम करने का प्रयास करना, भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं, महान साहित्यकारों, विभिन्न विचारधाराओं से युवाओं का परिचय करवाना, लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए पुरुषों और युवाओं में लैंगिक संवेदनशीलता का विकास करना, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के प्रति एक ज्यादा संवेदनशील और बेहतर नजरिए के निर्माण का प्रयास करना, युवकों और युवतियों को सिविल सेवा और कैरियर गाइडेंस में निशुल्क सहायता प्रदान करना, गरीब और जरूरतमंद बच्चों को यथासंभव जरूरी चीजें मुहैया कराना, कैरियर के निर्माण के साथसाथ युवकों और युवतियों में जरूरी भावनात्मक समझ और सामाजिक प्रतिबद्धता का निर्माण करना इत्यादि शामिल है।

भारतम में हम सब का यह मानना है कि अगर किसी जिले के 500- 1000 युवक युवतियां महीने में सामाजिक गतिविधि के लिए अपना महज 2 या 3 घंटे भी दे दे, तो हमारे पास उस जिले में 2000 से 3000 घंटे का मानव श्रम उपलब्ध होगा। जिसका प्रयोग हम रचनात्मक कार्यों में कर सकेंगे और बदले में भारतम इन युवकों युवतियों को इनके कैरियर और व्यक्तित्व निर्माण के संदर्भ में बेहतरीन मार्गदर्शन उपलब्ध करवाएगा।इनका भारत के नामचीन हस्तियों से परिचय करवाया जाएगा।

अलग अलग तरह के वर्कशॉप और सेमिनार के माध्यम से इनमें अलगअलग किस्म की सॉफ्ट स्किल विकसित की जाएंगी। जिसका फायदा इन युवाओं को उनके कैरियर के साथ साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी मिलेगा। इससे उस जिले में प्रगतिशील युवकों युवतियों का एक बड़ा समूह बनेगा जो अपने ज्ञान और प्रबोधन के साथ विकसित संवेदनशीलता से पूरे जिले में एक नया वातावरण बनायेगे।

 

हमारी आगे की योजना क्या है और भविष्य में इसका प्रसार क्षेत्र क्या होगा?

इस मकसद को हासिल करने के लिए हमने तीन समूहों में लाभार्थियों को बांटा है। पहला कक्षा 1 से लेकर छठी कक्षा के विद्यार्थियों का समूह जिन्हें हम अंग्रेजी गणित साथ साथ सिविक वैल्यू के बारे में बताएंगे और पढ़ाई लिखाई के साथ खेलकूद कलात्मक अभिरुचि संगीत इतिहास जैसे क्षेत्रों से भी इनका शुरुआती परिचय करवाया जाएगा। दूसरा समूह कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों का होगा जिन्हें हम संवैधानिक मूल्यों इतिहास और सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण देंगे और साथ ही इन्हें विभिन्न प्रकार के सामाजिक भेदभाव से परिचित करवाएंगे जिससे इनमें ऐसे भेदभाव के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति का विकास किया जा सके। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण समूह ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों का होगा जिन्हें हम इमोशनल इंटेलिजेंस, लैंगिक समानता, संवैधानिक नैतिकता, भारत का स्वतंत्रता आंदोलन, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय मुद्दे, नैतिकता जैसे विषयों का प्रशिक्षण देंगे साथ ही इन्हें सामाजिक सरोकार वाले मुद्दों में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। वादविवाद प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन प्रतियोगिता, विभिन्न प्रकार के सेमिनार के माध्यम से इन्हें एक आदर्श विद्यार्थी के साथ साथ एक आदर्श नागरिक के दायित्व बोध से परिचित कराया जाएगा।

इन्हें ऐसा विद्यार्थी बनाने की योजना होगी जिनमें पढ़ने लिखने के प्रति रुझान हो, जो मुद्दों पर अपनी स्वयं की समझ विकसित कर सकें, जिनमें मूर्त और अमूर्त चिंतन की क्षमता हो, जो कैरियर के लिए कोचिंग संस्थाओं पर निर्भर ना हो, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफल होने का माद्दा रखते हो और जो आत्मविश्वास से लबरेज हो। जो हर किस्म की विचारधारा से परिचित हो और उनकी अच्छाइयों बुराइयों को समझते हो और तुलनात्मक अध्ययन से अपनी खुद की कोई विचारधारा बना सकें। जिन्हें कोई भी संकीर्ण पहचानो के आधार पर बेवकूफ ना बना सके। जिनमें भारतीय साहित्य संस्कृति की गहरी समझ हो। जो समाज से कुछ लेने के साथसाथ बदले में उसे कुछ दे भी।

यदि आप इससे जुड़ना चाहते हैं तो आपको क्या करना होगा और आप किस से संपर्क करें?

अब दूसरे प्रश्न पर आते हैं कि अब तक भारतम का कार्यक्षेत्र क्या रहा है।इसकी शुरुआत इलाहाबाद और कौशांबी में हुई। जहां  कौशांबी में आकाश और पूजा तथा इलाहाबाद में योगेश, अंशु, राघवेंद्र,  अनुभव, गार्गी, अभिनव, अजय इत्यादि के सहयोग से पिछले 3 महीने में अलगअलग गतिविधियों का संचालन किया गया है। इनमें सिविल सेवा के लिए प्रशिक्षण देने से लेकर विद्यार्थियों को अनेकों डॉक्यूमेंट्री दिखाना, कुछ महापुरुषों के जीवन पर बनी फिल्में दिखाना, निबंध प्रतियोगिता करवाना, वाद विवाद प्रतियोगिता करवाना, एथिकल मुद्दों पर चर्चा सत्रों का आयोजन करवाना, बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए चंदा एकत्रित करने का कार्यक्रम शामिल है। अब तक ढाई हजार से अधिक युवा भारतम् के सदस्य बन चुके हैं और अब इसका कार्य क्षेत्र प्रतापगढ़ दिल्ली लखनऊ भी है। नवंबर माह से इसे बनारस और बांदा ले जाने की भी योजना है।

अब इस प्रश्न के उत्तर पर आते हैं कि यदि आप इससे जुड़ना चाहते हैं तो कैसे जुड़ सकते हैं तो उसके उत्तर में मैं आपको बताना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति के भारतम् से जोड़ने के कई तरीके हैं एक वह विद्यार्थी के तौर पर हमसे जुड़ सकता है जिसे हम जरूरी कैरियर गाइडेंस देंगे और बदले में उसे महीने में हमें न्यूनतम 3 से 4 घंटे का समय सामाजिक रचनात्मक कार्यों के लिए देना होगा। दूसरा गैर विद्यार्थी युवा हमारे सामाजिक बदलाव के सदस्य के तौर पर हमसे जुड़ सकते हैं जो हमें जन जागरूकता फैलाने लैंगिक समानता के हमारे उद्देश्य समेत ऐसे कई मसलों पर वॉलिंटियर के तौर पर अपना कुछ समय हमारे संगठन को दे सकते हैं। आप किसी शहर में हमारे लिए सदस्यता अभियान चलाकर, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक भारतम् के साहित्य को पहुंचा कर, किसी विशेष शहर में हमारा नया चैप्टर खोलने में हमें सहयोग देकर, उस शहर में हमारी गतिविधियों के संचालन के लिए कोई जगह मुहैया करवाकर, हमारे साहित्य के प्रकाशन में हमारी मदद करके या हमारे लिए वर्कशॉप या सेमिनार में जरूरी सुविधाएं जुटाने के लिए हमारी मदद करके भी आप भारतम् के साथ जुड़ सकते हैं। यदि आप साहित्यकार, शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर, न्यायाधीश,ब्यूरोक्रेट या कोई प्रोफेशनल है तो हमारे लिए शिक्षण का कार्य करके या अपने विशेषज्ञता वाले क्षेत्र पर कोई वर्कशॉप लेकर कुछ मोटिवेशनल कक्षाए लेकर हमारे साथ जुड़ सकते है। भारतम का इस पोस्ट में वर्णित तीन अलगअलग वर्गों के लिए अलगअलग मॉड्यूल डिजाइन किया गया है। जिसमें यह तय है कि उन्हें कौन सी कक्षाएं कितनी मिलेगी उन्हें क्या फिल्में दिखाई जाएंगी उनका कैरियर गाइडेंस कैसे किया जाएगा उनमें सॉफ्ट स्किल का विकास कैसे होगा इत्यादि।

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