About Us

WHO WE ARE

पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन अब्दुल कलाम की पुस्तक इगनाइटेड माइंड से प्रेरित होकर मैंने इस कोचिंग का नाम चुना था। बात 2004 की है जब एक आंदोलन के सिलसिले में डॉ कलाम से मुलाकात करने का अवसर मिला और उनसे इस मुलाकात में हुई 15 मिनट की बातचीत ने उनकी सादगी और सरलता की अमिट छाप मेरे मन पर छोड़ी।आगे चलकर जब मैंने अपने सिविल सेवा के कोचिंग संस्थान को शुरू करने का निर्णय लिया तब उसी मानसिक प्रभाव और प्रेरणा को आधार के रूप में स्वीकार करके संस्थान का नामकरण इगनाइटेड माइंड्स रखना तय हुआ।
दर्शन शास्त्र विषय की कोचिंग के तौर पर अपनी प्रारंभिक यात्रा 2007 में शुरू करने वाला यह संस्थान अपनी स्थापना के तीसरे वर्ष में ही हिंदी माध्यम के दो सर्वोच्च रैंक देने की उपलब्धि हासिल कर इतनी अल्प अवधि में यह अचीवमेंट प्राप्त करने के मामले में संभवत सबसे कम समय लगाने वाले संस्थान साबित हुआ।
दर्शन शास्त्र विषय के साथ 2007-08 से शुरू हुई कोचिंग पढ़ाने की यह यात्रा क्रमशः निबंध, एथिक्स और सामाजिक मुद्दों जैसे विषयों के प्रशिक्षण के साथ लगातार विस्तार ग्रहण करती चली गई। अब हम अपने संस्थान से फिलॉसफी, एथिक्स, निबंध, सामाजिक मुद्दे, ज्योग्राफी, पोलिटी, इकोनामी इत्यादि का प्रशिक्षण देते हैं। अपनी इस यात्रा में संस्थान ने 10- 11 वर्षों में अब तक संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा में 350 से अधिक विद्यार्थियों और विभिन्न राज्य सेवाओं में 1500 से अधिक विद्यार्थियों को अपने कक्षा कार्यक्रम से सफल बनाने का इस अर्थ में अभूतपूर्व लक्ष्य हासिल किया है की यह सारी उपलब्धियां केवल एक शिक्षक द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थियों के द्वारा हासिल की गई उपलब्धियां है। यह उपलब्धियां तब और गौरवान्वित करने वाली बन जाती है जब इन सफल होने वाले विद्यार्थियों में लगभग 30% विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी है जो हमारी बाइलिंगुअल कक्षाओं में शामिल होते रहे हैं। हमारी बाइलिंगुअल कक्षाओं में जिनमें मुख्यतया हिंदी माध्यम का ज्यादा जोर रहा है उनमें भी मुखर्जी नगर में कक्षाएं चलने के बावजूद राजेंद्र नगर मे रहने वाले ढेरों विद्यार्थी हर वर्ष हमारे संस्थान में नियमित तौर पर कक्षाएं करने आते रहे हैं।
हमारे संस्थान का हमेशा से यह मानना रहा है की कोचिंग क्लास रूम में शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच में सीखने की प्रक्रिया अपने सरलतम रूप में बनी रहनी चाहिए। इसे लाखों करोड़ों रुपए के विज्ञापन, महंगे मैनेजमेंट, विद्यार्थियों को चमकीले ग्लासी कागज पर दिए जाने वाले नोट्स में तब्दील नहीं किया जाना चाहिए।
इगनाइटेड माइंड्स में अपनी इसी फिलॉसफी पर काम करते हुए हम अपनी कक्षा में विद्यार्थियों को अवधारणा सिखाने पर जोर देते हैं ना कि उनको गाइड और नोट्स पढ़ने के लिए प्रेरित करने या फिर कक्षा में उत्तर लिखवा कर उसको रटवाने पर बल देते है। सिविल सेवा में पिछले सात-आठ वर्षों में प्रश्नों की प्रकृति में जिस प्रकार का बदलाव आया है अब उसमें वही विद्यार्थी सफल हो सकेंगे जिनमें तार्किक विश्लेषण की क्षमता, अमूर्त चिंतन की काबिलियत, कम समय में बेहतर प्रस्तुतीकरण का कौशल और अवधारणाओं की स्पष्टता होगी। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें कोचिंग में ही उत्तर लेखन का अभ्यास करवाया जाए, समय सीमा के भीतर क्लास में ही उत्तर लिखने के लिए दिए जाएं और पढ़ाने के साथ-साथ उनके लिखने और प्रस्तुतीकरण की क्षमता का भी विकास किया जाए। उन्हें अपने नोट्स स्वयं बनाने के लिए प्रेरित किया जाए उनमें कक्षाओं में अवधारणाओं को धैर्य पूर्वक सुनकर सीखने की प्रवृत्ति विकसित की जाए। जिससे उन्हें विषय को रटने की जरूरत ना हो और घुमावदार किस्म के प्रश्न पूछे जाने पर भी वे उसे अपनी समझ के आधार पर हल कर सके।
खास तौर पर हिंदी माध्यम और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थी जिनकी स्कूली शिक्षा प्राय: कमजोर रहती है उनके लिए कोचिंग का मॉडल इस प्रकार का होना चाहिए जिसमें उनके पढ़ने लिखने और प्रस्तुतीकरण के कौशल तीनों आयामों पर काम किया जाए।

Director's Desk

सिविल सेवा में आने वाले विद्यार्थियों के लिए मैं यह कहना चाहूंगा इस सेवा में आने का मन तभी बनाइए जब आप कम से कम 2 वर्ष एकनिष्ठ भाव से इस परीक्षा की तैयारी पर लगा सकते हो। इस परीक्षा की तैयारी करते समय आपको 2 वर्ष के लिए नातेदारी रिश्तेदारी सुख सुविधा और अपनी कई प्रिय चीजों को छोड़ना होगा सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी और समय का महत्व और कुशलतम इस्तेमाल करना होगा। इस परीक्षा में सफल होने के लिए पढ़ने के साथ प्रश्नों की मांग के अनुसार समय सीमा और शब्द सीमा के भीतर उत्तर लेखन अभ्यास पर बल देना सफलता के लिए नितांत जरूरी है। क्योंकि कोई भी कौशल् आप एक-दो दिन में नहीं सीखते और सीखने के बाद बिना निरंतर अभ्यास किए इसे बरकरार नहीं रख पाते इसलिए ना केवल आपको उत्तर लेखन अभ्यास करके उत्तर लिखने का कौशल सीखना होगा बल्कि लगातार अभ्यास कर के इसे बनाए रखना भी जरूरी होगा।

अंत में इस उम्मीद और आकांक्षा के साथ कि आप इस परीक्षा में कड़ी मेहनत और सही कार्य योजना से निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे शुभकामनाओं सहित.

Amit Kumar Singh
(Director & Founder, Ignited Minds IAS)

Managing Director's Desk

सिविल सेवा में आने वाले विद्यार्थियों के लिए मैं यह कहना चाहूंगा इस सेवा में आने का मन तभी बनाइए जब आप कम से कम 2 वर्ष एकनिष्ठ भाव से इस परीक्षा की तैयारी पर लगा सकते हो। इस परीक्षा की तैयारी करते समय आपको 2 वर्ष के लिए नातेदारी रिश्तेदारी सुख सुविधा और अपनी कई प्रिय चीजों को छोड़ना होगा सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी और समय का महत्व और कुशलतम इस्तेमाल करना होगा। इस परीक्षा में सफल होने के लिए पढ़ने के साथ प्रश्नों की मांग के अनुसार समय सीमा और शब्द सीमा के भीतर उत्तर लेखन अभ्यास पर बल देना सफलता के लिए नितांत जरूरी है। क्योंकि कोई भी कौशल् आप एक-दो दिन में नहीं सीखते और सीखने के बाद बिना निरंतर अभ्यास किए इसे बरकरार नहीं रख पाते इसलिए ना केवल आपको उत्तर लेखन अभ्यास करके उत्तर लिखने का कौशल सीखना होगा बल्कि लगातार अभ्यास कर के इसे बनाए रखना भी जरूरी होगा।

अंत में इस उम्मीद और आकांक्षा के साथ कि आप इस परीक्षा में कड़ी मेहनत और सही कार्य योजना से निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे शुभकामनाओं सहित.

Pawan Singh
(Managing Director, Ignited Minds IAS)

On the other hand denounce with rigteous indignation dislike.

On the other hand denounce with rigteous indignation dislike.

On the other hand denounce with rigteous indignation dislike.

On the other hand denounce with rigteous indignation dislike.

icon-1-nvwl8geicqxo0l80zix2u857mvwr3863y7ofzpds6g

Quality Education

Choose what you’d like to learn from our extensive subscription library.

icon-2-nvwl8geicqxo0l80zix2u857mvwr3863y7ofzpds6g

Expert Faculty

Choose what you’d like to learn from our extensive subscription library.

icon-3-1-nvwl8geicqxo0l80zix2u857mvwr3863y7ofzpds6g

Online Education

Choose what you’d like to learn from our extensive subscription library.

× Contact on Whatsapp